Sudha Chaudhary 12 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत 36307 1 5 Hindi :: हिंदी
साथ तुमने दिया और क्या चाहिए। हमको अपने मिलन का क्षितिज चाहिए। सुख की किरणें बिखरती हो पहले जहां, प्रेम की उस धुरी पर घर चाहिए। वफ़ा जिसकी आंखों में झूला करें, अपनी आंखों में ऐसी सृष्टि चाहिए। जो रहूं तो तुम्हारी ही बनकर रहूं, इसके आगे न कोई सफर चाहिए। सुधा चौधरी बस्ती
2 years ago