Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

सब एक जैसा हो जाए

Preeti singh 04 May 2023 कविताएँ अन्य मां की दुआओं जैसा बसंती हवाओं जैसा 30214 0 Hindi :: हिंदी

मां की दुआओं जैसा बसंती हवाओं जैसा सागर की ठंडी लहरों जैसा सूरज की किरणों जैसा बारिश की बूंदों जैसा ले आओ सब कुछ जो कुछ हुआ ऐसा सिमट जाए सब एक साथ हो जाए एक जैसा है मन की यही आशा है  मन की यही आशा हो जाए सब एक जैसा हो जाए सब एक जैसा।
              Preeti singh

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: