Kranti Raj 25 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत 43410 0 Hindi :: हिंदी
सपने में कोई आया
मेरे निन्द को उडाया
हँसी में क्या जादु
जो अपना बनाया
हँसी वो पल
ठहर जाए यही
बाते कुछ हो
कुछ रहे न कमी
बादल घिर जा
भींगा दे उन्हें
मै भी भींग जाऊ
भींग जाये जमीं
सारी रात जागुँ
जगाऊ उन्हे
वक्त तु ठहर जा
सुबह मिले न कमी
ओस के बुंदे
जमीं पर पडे
मै सो जाऊ
सोला दो उन्हे
अरमा के गुँज से
दिल मन तो मिले
प्राकृति सौंदर्य से
सेज तो सजे
क्रान्ति के सपना
अपना तो मिले !
कवि -क्रान्तिराज बिहारी
दिनांक -25-06-2023