Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

“संविधान की शपथ, भारत की उड़ान”

Anilkumar Rathwa (Sameer) 26 Jan 2026 कविताएँ देश-प्रेम “संविधान की शपथ, भारत की उड़ान” 7182 0 Hindi :: हिंदी

आज तिरंगा सिर्फ लहराया नहीं,
आज उसने हमसे वादा लिया है—
कि हम अपने सपनों से बड़ा,
अपने देश के लिए बनेंगे।

ये गणतंत्र कोई तोहफ़ा नहीं,
ये तपस्या है पीढ़ियों की।
हर अधिकार के पीछे
ज़िम्मेदारी की छाया है।

किसान की मिट्टी से उठकर
वैज्ञानिक की सोच तक,
सैनिक की रात से लेकर
बच्चे की पहली किताब तक—
भारत हर हाथ में, हर साँस में बसता है।

युवाओं—
ये देश तुम्हारे इंतज़ार में नहीं,
ये तुम्हारे साथ चलने को तैयार है।
तुम्हारी मेहनत ही
इसके भविष्य का नक़्शा है।

अगर गिरो तो मिट्टी को दोष मत दो,
उसे माथे से लगाकर उठो।
क्योंकि इसी मिट्टी से
इतिहास के स्तंभ खड़े होते हैं।

आज गणतंत्र दिवस पर
एक शपथ दिल में लिखो—
नफ़रत नहीं, निर्माण करेंगे।
डर नहीं, दिशा देंगे।

तिरंगा हाथ में नहीं,
चरित्र में चाहिए।
ताकि दुनिया जब भारत देखे,
तो उम्मीद देखे, इंसानियत देखे।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: