SACHIN KUMAR SONKER 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक GOOGLE भोले नाथ की नगरी काशी 94179 0 Hindi :: हिंदी
शीर्षक (भोले नाथ की नगरी काशी) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) काशी का नाम ही काफी है। भोले नाथ के बिना किस काम की काशी है। भोले नाथ ही तो काशी के वाशी है। काशी को भोले नाथ से प्यार है। भोले को भी काशी का इंतजार है। काशी अजर अमर अभिनाशी है। भोले की नगरी का नाम ही काशी है। काशी की महिमा बड़ी निराली है। जहाँ भोले है विराजे उसी का नाम ही काशी है। माँ गँगा के गोद में बसी है काशी। सभ्यता और संस्कृति की पहचान है काशी। हम सब का अभिमान है काशी।