Bhagyashree Singh 14 Apr 2023 कविताएँ धार्मिक #शिवस्यरूपम#धार्मिक कविताएं#शिव शंभू #जय भोले बाबा #ॐ नमः शिवाय 39976 0 Hindi :: हिंदी
शिवस्यरूपम
चन्द्र, केश में गंग साजे,
ग्रीवा भुजंग धारी प्रभु,
भाल सर्व अंग पे भस्म साजे,
कमल त्रिनेत्रधारी प्रभु ,
खाल वस्त्र धारण अंग पर,
नीलकंठ त्रिशूल धारी प्रभु,
संग बैठी गौरी, गणेश,कार्तिक,
कंठ मुंडमाल धारी प्रभु ।
नटराज रूप विकराल धरण,
सत्यम शिवम सुंदरम प्रभु,
सब त्याग लीन बैठे समाधि,
शिवानंद स्वामी नमन प्रभु ।
ग्रीवा भुजंग धारी प्रभु,
भाल सर्व अंग पे भस्म साजे,
कमल त्रिनेत्रधारी प्रभु ,
खाल वस्त्र धारण अंग पर,
नीलकंठ त्रिशूल धारी प्रभु,
संग बैठी गौरी, गणेश,कार्तिक,
कंठ मुंडमाल धारी प्रभु ।
नटराज रूप विकराल धरण,
सत्यम शिवम सुंदरम प्रभु,
सब त्याग लीन बैठे समाधि,
शिवानंद स्वामी नमन प्रभु ।
मेरी कलम से
भाग्यश्री सिंह
मेरा नाम भाग्यश्री है, मैं एक स्नातकोत...