Manju Bala 04 Jun 2023 कविताएँ समाजिक शोषण का तांडव ,इंसानियत ,दोस्त ,दुनिया ,प्यार 31840 5 5 Hindi :: हिंदी
शोषण का तांडव नाच रहा है घर -घर हाहाकार मचा है | जुल्मो -सितम ने इतिहास रचा है घर -घर जैसे मातम मचा है कलियुग नंगा नचा रहा है लोगों में खौफ मचा है शोषण का तांडव नाच रहा है घर -घर हाहाकार मचा है |
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I have done M.A in three subjects these are Hindi ,History ,Political science. I have also done M.Ed...