DINESH KUMAR KEER 27 May 2023 कविताएँ समाजिक 28110 0 Hindi :: हिंदी
सुकून... जिसे तुम चाहते हो, वो किसी और का भी हो सकता है, सुकून समझो जिसे, वो कहर भी हो सकता है, अपना समझो जिसे, वो सपना भी हो सकता है, इश्क़ की दुनिया है जनाब, यहाँ कुछ भी हो सकता है...