SACHIN KUMAR SONKER 08 Apr 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत GOOGLE 79247 0 Hindi :: हिंदी
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) शीर्षक (तेरा मेरा साथ रहे।) माँगी थी जो दुआ वो क़बूल हो गई। जितनी दूर थी तूँ मुझसे उतनी क़रीब हो गई। तेरा मेरा साथ अब ना छूटे, तूँ मुझसे इस जीवन में अब कभी ना रूठे। सदा ही तेरा मेरा साथ रहे। तूँ सदा ही मेरे पास रहे। तेरे दिल में एक जगह सदा ही मेरी खास रहे। धड़कू तेरा सीने में तेरी धड़कन बनकर। मेरी हर साँसों में मुझे बस तेरा ही एहसास रहे। मौत भी आये तो तुझसे ना जुदा कर पाये। जब भी मै जाऊँ इस दुनियाँ से हाथों में तेरा हाथ रहे।