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थक गया था दिल पुराने ज़ख्मों के हिसाब से

Amarnath Yatra 27 Nov 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार-मोहब्बत, सुख-दुख 5508 0 Hindi :: हिंदी

थक गया था दिल पुराने ज़ख्मों के हिसाब से,
फिर भी हर सुबह उठा किसी जज्बात से।
आँखों में सपने थे, हथेली में छाले थे,
रास्ते तो मुश्किल थे, पर इरादे निराले थे। तूफ़ानों ने तोड़ा, पर डूबने नहीं दिया ।
तेरे याद के सहारे ही खुद को मैं ने सींच लिया।
प्यार ने गिराया भी, प्यार ने उठा भी दिया
ये दिल हारकर भी आखिर जीत गया । 
अब मैं अपने कलम से किस्मत लिखने निकला हूँ,
आँसुओं की स्याही से नया अफ़साना बुनता हूँ।
हार, डर, तन्हाई – सबको पीछे छोड़ दिया,
नई ज़िंदगानी के नाम पर खुद को ही जोड़ लिया।

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