रोhit Singh 06 Jul 2024 कविताएँ समाजिक #रोhitsingh #poem #motivational 45402 0 Hindi :: हिंदी
तुम चाहो तो कर सकते हो लक्ष्य....जो तुमने ठना हैं गमला तोड़ निकलना होगा यदि पेड़ बनाकर तुम्हें दिखाना हैं माना ये आसान नहीं है नामुमकिन ये इम्तिहान नहीं हैं पत्थर से पानी सींचना होगा यदि मिट्टी का बागान नहीं हैं शह धूप सहना होगा बारिशों में बहाना होगा आंधी तूफान टकराएंगे परंतु निश्चय खड़ा रहना होगा पतझड़ में सुख जाना होगा सावन में भर जाना होगा पुष्प का सुगंध फैलाकर प्रकृति से मिल जाना होगा कभी रात वर्ष वीरान होगा कभी जीव जंतुओं का आराम होगा राह चलते किसी रही का कभी तेरे छांव में विश्राम होगा तुम चाहो तो कर सकते हो लक्ष्य जो तुमने थना हैं गमला तोड़ निकलना होगा यदि पेड़ बनाकर तुम्हें दिखाना हैं यदि पेड़ बनाकर तुम्हें दिखाना हैं -रोhit Singh...✍️