संदीप कुमार सिंह 02 Jun 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार मोहब्बत पर मेरी यह कविता आपको जिंदगी में लुफ्त उठाने के लिए काफी मदर गार होगी. प्यार =मोहब्बत से दुनिया चलती है. 1004 0 Hindi :: हिंदी
तुम हीर से कम नहीं तूं मिलो या न मिलो, मुझे गम नहीं पर यह सत्य है, तुम हीर से कम नहीं। कब तक रोक पाओगी, मेरा प्यार तेरे लिए ही है। तुम नहीं जानती मेरी चाहत को, मुझ में सिर्फ और सिर्फ तुम हो। तुम मेरे लिए जिंदगी हो, तुम ही मेरी बंदगी हो। तुम हो तो मेरी सुबह_शाम है, तुम हो तो मेरी दिव्य रैन है। तुम्हें नहीं पता है की, मैं तुम्हें इस कदर क्यों चाहता। तुम दिन की चमक हो, तुम रात का आराम हो। तुम मेरे जीवन की बाग हो, तुम अति पावन आग भी हो। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....