Ujjwal Kumar 05 Jun 2023 कविताएँ समाजिक 34150 0 Hindi :: हिंदी
वो माँ है... वो माँ है, वो सब जानती है! उसके बच्चे ही उसकी खुशी है, वो ये बात मानती है! नौ महीने कोख मे रखकर, हर कष्ट को सहती है! माँ है न माँ हु जानती है! बच्चो की खुशियाँ के खातिर, वो सबसे उलझ जाती है ! बच्चा थोड़ा-सा भी इशारा कर दे तो, माँ सब कुछ समझ जाती है! काँटो को हटाकर, बच्चो के लिए फूल बिछाती है! माँ सब जानती है! ✍युवा रचनाकार 🙏उज्ज्वल कुमार🙏