मोती लाल साहु 30 Mar 2023 आलेख समाजिक उपदेश बिनु उपवास कहां मोरे मन। 35456 0 Hindi :: हिंदी
उपदेश बिनु- उपवास कहां मोरे मन! शरण में आया सतगुरु के, तन-मन अर्पा और शीश हृदय में धर गुरु वचन, सेवा किया चरणों में अर्पण याचना किया- याचक बनकर उपहार में, मांगा ज्ञान-विधि और विवेक गुरुदेव प्रसन्न हो ज्ञान- उपदेश दे भेद लखायो मोरे मन साधक बन- विधि साधना के द्वारा हृदय, प्रदेश में प्रवेश हुआ मोरे मन ज्ञान अभ्यास के द्वारा- हिर्दय स्थित उस परम तत्व में मन का वास हुआ मोरे मन उपदेश बीनु- उपवास कहां मोरे मन! -मोती