Ashok prihar 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google/Anya Sabhi Social media per 52049 0 Hindi :: हिंदी
ये प्रेम की मजधारा तू बेहती चल सुखों में सुख देती चल मैं जीने की हर बातों को गुलाम करता हूं बस तू आनंद पिरौती चल क्या जीना दुखों में सुख ना मिले तो तू अपनों का आभास कराती चल दुखों में सुखों में मेरी प्रितमा साथ रहे मेरी प्रितमा को यह आभास कराती चल दुनिया रूठ जाए कोई बात नहीं बस परिवार साथ रहे यह बात रही तू हर बात में जीने का आभास कराती चल यह दुनिया भले ही मिट जाएगी बस तू प्रेम के साथ चल दुखों पर दुख रहे तो हम कहे रहे तु दुख हो मे भी सुखों का आभास कराती चल ये प्रेम की मजधारा तू बेहती चल