REETA KUSHWAHA 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य जिंदगी 90493 0 Hindi :: हिंदी
ज्यादा मर्यादा भी अमर्यादित बना देती है जिंदगी के रंग कोई नही जानता ये किसको ,कब ,क्या क्या बना देती है कोई शक नही मुझे तेरे नजारों पर ऐ जिंदगी दिन वो भी आ सकता है...... जब ये खुद को ही खुद का दुश्मन बना देती है।