अंतिम, आशा ,के, फूल,लूटा रही हूँ,।
कविता हूँ,।मैं,, देह ,अपना, जला कर।
पथ, के, अंधकार को डरा रही हूँ,।
बड़ी ,भयावह रही ,इक घटना ,।
कागज तो बहा,प� read more >>
एक गांव में एक मकान था जिसमें एक छोटा - सा परिवार रहता था।परिवार में कुल 4 सदस्य थें मां- बाप और उनके दो बच्चे दोनों ही लड़की थें।उन लोगों read more >>
छूत - अछूत का पता नहीं ,
न मित्र ने मुझे सिखाया ,
उस दो बूंद - छूत पानी ने ,
मुझे मौत के गले मिलाया ।
मुझे पता नहीं था .................
मुझे पता न� read more >>
इस महीने में कुछ बात थी...
TTC training कुछ खास थी....
Cantine कि चाय कुछ ठिक थी..
पर उससे भी खास हम पाँचो fraind कि मटरगस्ती थी....
मेस का खाना आठ दिन स्वाद फि� read more >>
जब भारत नही था, तब भी था अपना भारत !
Melting pot की जैसे तीखे, मिठे, कडवे सबको अपने मे मिलता।
सिखता सिखाता ढेर सारे को अपने में मिलता।
संस्� read more >>