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पसीने की क़ीमत, किसने आंकी? हाथ कुदाली, सिर पर परात, दिखती श्रम की झांकी। पसीने से ही, धरती का दामन पसीजता है। चोटी से एड़ी का पसीना, धरा � read more >>
मेरे लिए वो हीरे सी अनमोल होती है कंधे पर सर रखकर सारे राज खोल देती है कोशिशें जब भी मै प्यार-ए-इजहार की करता हूँ सारे ख्वाबों से जगाक� read more >>
कल तक था पाषाण युग आज आया है टेक्नोलॉजी युग। कल तक था तिमिर युग आज आया है बल्ब युग। देख रहे हम बदलता युग।। सुनो जरा कल का युग कहते थे � read more >>
जब झुके सिर ईश्वर के सामने तो दिल में यही फ़रियाद आए, तेरी जिंदगी के साथ जिंदगी तेरी मौत से पहले हमे मौत आए। read more >>
# सपने # अचेतन मन की बातों का संग्रह ही सपने होते हैं। चेतन मन की भावनाओं का परिवर्तन सपने होते हैं ।। सपने तो सपने होते हैं सपने भी स� read more >>
Jab aankh khuli to maa ke aankhoo ka ek tara tha meri ma ka anchal mujhko bhu Mandal sa pyara thaa Me apni maa ke ankhoo ka Tara tha jo Mai has deta to maa ka pora din tyohar ban jata tha vo raja beta khahti thi me Har baat pr muskata tha khub hasata khub Stata pairo se khub prhaar kiyaa maa ne apne man me ek sundar khvaab sajaya tha Mai apne read more >>
लिख कर स्याही से कागज पर तुझे , मिटाना चाहा। भूल कर खुद को, दिल से तुझे भूलना चाहा। तू करती रही बेबाफाई, और मैं बेपनाह मुहब्बत मैंने तो त read more >>
क्या हुआ जो दिल मेरा तोड़ गए तुम, क्या हुआ जो गम की तरफ मोड़ गए तुम। अरे जब आज के समय में अपने ही साथ नहीं देते, तो क्या हुआ जो साथ मेरा छो� read more >>
तू क्या सोचती है, मैं तुझे याद नहीं करता। कुछ मजबूरियां हैं मेरी, इस लिए बात नहीं करता। कितनी आसानी से कह दिया तुमने मुझे बेवफा, अगर बे� read more >>
काळोखी रात आवाज सुन्न तु समोर चालत होती. मी तुझ्या मागे -मागे येत होतो... तु दिसायची कधी त कधी तुझ्या पाऊलाने पाऊल टाकत होतो भीतीने ये read more >>
ममता दुखदायी न हो। सोच पिता को अभिनय करना पड़ता, एक पाषाण हृदय अपनाना पड़ता। माता है ममता की मूरत, वही पिता सत्य की सूरत। सुंदर अहसास इ� read more >>
शीर्षक- मैं बदल रहा हूं शिक्षित से अच्छा अनपढ़ था फिर भी शिक्षित से बढ़कर था अपने अपनों का अपनापन सुशीतल मधुर सुधाकर था अब अनपढ़ स� read more >>
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