शीष केवल एक हो,
पर कार्य उसके नेक हो।
जो सम्भा बन दहाड़ दे,
तन - मन देश पर त्याग दे।
म्यान में तलवार ले,
ललाट पर टीका लाल ले।
अखण्ड एक वि� read more >>
" सच और झूठ " के दिवार में मैं आज फिर से उलझ गयी,
वो दोनों गलत नहीं शायद आज मैं ही गलत बन गयी..
कहते है कि सांप ने कांटा तो सवाल नहीं करते,
आज read more >>
तू माता है । मेरी एक
भवानी
तेरे भरोसे देख में बैठा हूं।। ....2
ये जग जननी जरा तू उपकार तो कर
आए दया तुझको
तो मेरा उद्धार तो कर
ये कर्मों � read more >>
भूल गया तेरे भवन में आना।
हां,
भूल गया तेरे भवन में आना
भवानी मैया,
मिलना कोई बहाना ।।
भवानी मैया........
भूल गया तेरे भवन में आना ।
भवानी म read more >>