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बेरोजगारी का बोझ उठा थका हूं मैं, फूटी किस्मत की राहों में अटका हूं मैं। लोगों के ताने बनते हैं साये मेरे, सपनों की दुनिया से दूर भटका � read more >>
Vaado se hi Jeet lenge hum tumhe koi agar puchega to hum ye kahege teri hi ekk mulakat honi baaki hai tumse hi aab baat zaruri hai kaho to abhi keh dete hai khwabo me tu na aaya karo tum kyuki tumhe aana hai ekk din tumhe tere hi saath rahegi wo jab mulakat hogi tumse baat hogi aur saath nibhane ki baat hogi Zara sun lena koi aisi kahani hogi read more >>
Vaado se hi Jeet lenge hum tumhe koi agar puchega to hum ye kahege teri hi ekk mulakat honi baaki hai tumse hi aab baat zaruri hai kaho to abhi keh dete hai khwabo me tu na aaya karo tum kyuki tumhe aana hai ekk din tumhe tere hi saath rahegi wo jab mulakat hogi tumse baat hogi aur saath nibhane ki baat hogi Zara sun lena koi aisi kahani hogi read more >>
संसद के शीतकालीन सत्र के दरमियान सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बावजूद विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर पक्षपात� read more >>
मेरे घर का एक कोना है। शांत नहीं है कुछ भी इसी बात का तो रोना है।। मैं हूं पागल परिंदा सन्नाटे का जिसको होना है। सनसनाती पवन का एक झोंक read more >>
घनघोर हो रात प्रियतमा का हो साथ वश में तेरे हो जाऊ में प्रेम की आड में सिमट जाऊ तेरे हर एक अंग से पागल हुआ आज रहा हु में तेरे लाड में read more >>
नयन तेरे देख के कहूं तुझे नयनतारा प्रेम अपना उम्मेद दू तुम पे सारा का सारा पर कटाक्ष तुम्हारे इन नैनो के झेल नहीं पता हृदय हमारा read more >>
क्यों? कोई क्यों समझता है मजबूत कोई क्यों समझता है कमजोर कोई क्यों करता है शिकार कोई क्यों होता है शिकार इंसान क्यों करता है इं read more >>
धैर्य: सफलता का आधार जीवन एक अनवरत यात्रा है, जिसमें कभी सुकून तो कभी संघर्ष हमारे साथ होता है। इस यात्रा में धैर्य एक ऐसा गुण है जो हम� read more >>
तुम्हें देख अब दिल में हलचल नहीं होती । निगांहों में स्थिरता का ठहराव नहीं । भावनाओं में मधुर छंद नहीं ,मिलने में उत्सुकता नहीं । ह्र� read more >>
अब पानी दूषित नहीं होता, दूषित हो रहा मन, विचार और भावना । पानी कैसे दूषित हो सकता है ? उसके बचाव के लिए आ रही तकनीकें, मशीने और भण्ड read more >>
कविता -फिर क्यों? हम बंटेंगे तो कटेंगे फिर क्यों बंटे हैं? जातियों में धर्मों में ऊॅंच में नीच में शिकार हो रहे हैं - केवल गरीब लुट read more >>
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