आके तेरा दवार देखु
माँ.......मे तेरा भवन
मे पहली बार देखु
माँ ......
मे तेरा भवन
हो ,,,,आके... 2..2.
तेरे भवन मे ऐसी, सुघी लगन
हो गया। यहाँ मे read more >>
हे नारी तुम कलयुग में भी धर्म पग पर चलती जाओ,
कर्मो से अपने इस जग को, तुम दिव्य स्वरूप दिखाओ l
तुम झुको सही,पर रुको नही, यह अद्भुत दृश्य द� read more >>
अ अनार के दाने खाओ
आ आम मे चूस लगाओ
इ इमली की बने खटाई
ई ईख की बने मिठाई
उ उल्लू को मार भगाओ
ऊ ऊन का स्वेटर बनाओ
ए एड़ी पर बदन सम्भालो
ऐ � read more >>