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जज्बातों की कदर करने वाले महिला और पुरुषो को रोता हुआ देखा गया है खुशनसीब तो वह स्त्री और पुरुष है,जो दिलों को खिलौना समझकर कर खेल जाते read more >>
कश्तियों की जरूरत है। किनारों के लिए वो हम-सफर है। वहीं तक, जहाँ तक । सफर है , उनका जब, रास्त बदलेगे । तो राही भी बदल जाएगे। read more >>
शराफत को , जेब मे, रख के ,थोडे़ से क्या ? हमने, नरम , लहजे मैं बात कर ली । अन्दाज़ ,बदल गए । शहर के , निकम्मों के भी जो कभी हमें हुँजूर कह के read more >>
तु मैंनू प्यार दे सोने यार वे। झूठी तेरी, सारी कहानी झूठा नही मेरा प्यार वे। झूठा हेे तु झूठा तेरा प्यार वे। झूठी तेरी बत्तिया ना उ� read more >>
मन सोचता है तन नोचता है, दिल कहता है संभल जा यारो । अभी बात अधूरी है मुलाकात अधूरी है, अपनो से मिलने वाली सौगात अधूरी है।कलियों के आगे भव� read more >>
सर से पानी पाँव से बुखार, जल्दी से ले चल नदियाँ ओहि पार।दिल के डॉक्टर जोड़ेगे वही दिल से दिल कि तार, पता तो चले जग को किउ हुआ मै बिमार।सर स� read more >>
ख्यालो मे , वो बाते ,करती है । खुब ....हूँ...ह ...हूँ ! सामने आए , नजर चुरा के चलती है। वला..... बहुत ...खुब हाय! वला ...! !...2 वो दिवानी , मै ,महबूब..... हाय ! read more >>
हाय ! तेरी याद का .....2 मेरे सपनो कैसा नाता ।।....2 दिल.....हुँ। हुँ.......? बेचेन हो कर, है तूझे फिर बुलाता हाय ! तेरी याद......! हर, पल । हाँ ,- ये ,पल-पल म� read more >>
क्यों देखते ही तुझको ऐ दिल धड़कने लगा हम चाहते हैं तुझको इस हद तक पता ना था मन में जो थी बंदिश वो पर खोलने लगा अब रोकना भी चाहूं रुक ना स read more >>
याद जब भी वो हमको आए हैं आंखों से आंसू रोक ना पाए हैं ऐसी भी क्या गुस्ताख़ी हो गई थी हमसे जो सजा पाए हैं जन्मों का रिश्ता एक पल में ठुक� read more >>
अक्षर सारे व्यर्थ निकले पंक्तियों में जब उनके अर्थ निकाले शान समझ संजोया जीन रिश्तों को वह भी एक ख़ुदग़र्ज़ निकले हम क्या जाने कौन read more >>
एक छोटे से शहर के एक सरकारी दफ्तर में एक कोने में एक बेंच पर एक 60वर्षीय बूढ़ा व्यक्ति रामलाल किसी चिंता में ध्यानमग्न सा बैठा था। उसके � read more >>
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