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मैं वही दीप हूॅं मैं दीप वही,जो कल जलता था हर एक घर में कोने-कोने मुझे सजाया था हर कोई एक पंक्ति में एक कतार में अपने ही हाथों से मुझको read more >>
जीवन का .... शुरू ,सफर अब है ...... पहला कदम, पहली ड़गर .... अब है सिख रहे है। चलाना ,योही ... गिरते संभलते । नजरों के आगे ,जब अपनी माँ रहती है। चले। read more >>
उद्योग मे काम करने का तरीका अलग है। और उद्योग दो तरह के होते हैं:- 1.सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग 2. निजी क्षेत्र के उद्योग इन उद् read more >>
आज संगम करेंगे विचारों का, आज संगम करेंगे कर्मों का। आज संगम करेंगे संस्कारों का, आज संगम करेंगे सभ्यता का। आज संगम है आरजू ओं का, read more >>
इतनी तो तेरी ,याद आने वाली है। ..... . इतनी तो तेरी, याद...... पागल हो जाएगा ,अब मन मेरा के,सुघी ,अब जाने वाली है। इतनी....... तो तेरी ,याद मेरे पा read more >>
In halls of power, a game unfolds, Where tales of politics, their grip, it holds. Ideas clash, like thunder's roar, Ambitions rise on a shifting floor. Debates echo, a cacophony of voices, In the realm of choices, where power rejoices. A dance of interests, a complex ballet, In the political theater, where actors play. Promises woven in read more >>
In the heart of Paris, amidst the bustling streets and iconic landmarks, two souls were destined to collide. Sarah, an aspiring artist with a heart full of dreams, and Antoine, a charming musician with a soulful melody, were drawn to each other like moths to a flame. Sarah, with her fiery red hair and a passion for capturing life's beauty on can read more >>
युग कितने- इन राहों ने देखे, राही कितने- इन राहों ने देखे,, मोल मेरा- इन राहों ने तौल देखा, क्या मंज़िल- पथिक को तौल देखा....!!!! -मोती read more >>
ये जमीं- क्या आसमां तक, चलूंगा- हर वो जहां तक,, जहां- जहां तू मैं वहां वहां, वजह- ज़िंदगी तक चलूंगा....!!!! -मोती read more >>
ना अब कोई सीता है ना लक्ष्मण जैसा भाई बचा ना‌ सत्युग जैसा राम कोई पर रावण बन बैठे हैं आज सभी अपना परिवार भी पराया अब तो यहाँ हो गया इ� read more >>
दीपों से जगमगाया हैं सारा जहां, छाई हैं खुशियां उमंग हैं भरा, पूरी मिठाई , फूलझड़ी पटाकों का शोर बड़ा, राम सिया लंघन के अयोध्या आगमन मे� read more >>
"आओ दीप- जलाएं दीप जलाएं"! "अपने मन- मंदिर में दीप जलाएं"! "प्रकाश- जनमानस में, भरें जग में प्रकाश"!! "शांति-ए- खुशियां लाएं दीप जलाएं"!!!! -� read more >>
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