1891,महू में हुआ जन्म एक ज्वाला का,
एक महान नायक और देश प्रेम की माला का,
पढ़ने का उसको मिला नही कोई भी अधिकार,
क्योंकि वो था एक अछूत और एक म� read more >>
किताब -ए दर्द में खो जाने को जी चाहता है,
ऐसी बेचैनी की रो जाने को जी चाहता है,
दर्द में गुजर गई सारी जिंदगी,
अब तो मौत की नींद सो जाने को ज� read more >>
मुख बम बम बोल रहा है, तन अंदर हि अंदर डोल रहा है।भांग नसो को खोल रहा है, आँखे कुछ न कुछ टटोल रहा है।दिल भी अंदर हि अंदर बोल रहा है, मन मे कुछ read more >>
हुँ ,मे गीत इश्क का,
थोड़ा ,गुनगुना देख
मिटा हूँ म।
चाहतो पे.... आजमा
के देख.....
हुँ मे सफर दीवानगी का
मुझे.....
हम-सफर बना के देख।
राहो मे त� read more >>