Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" छठ माई की शाम पर,सजा हुआ है घाट। पूजा पूजा मय हुआ,अनुपम है नव ठाट।। छठ माई की शाम है,आज सुह� read more >>
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" उजला तन किस काम का,काला जब हो सोच। ऐसे जन सब ही यहाँ,करते रहते नोच।। उजला तन किस काम का,जिसक read more >>
#विधा:-मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" करते नहीं विचार जो,उसे बुद्धि है भ्रष्ट। उल्टे सीधे काम से,करे प्रगति को नष्ट। और गँवा� read more >>
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" करते नहीं विचार जो,करते कुछ भी काम। आये जब परिणाम तो,लगता उसे लगाम।। करते नहीं विचार जो,औ read more >>
क्या कहूं आज मैं आप से। डरता मैं हूं बहुत पाप से। मैं प्यार का एक मस्त राही- डरूं नहीं कद की नाप से । (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिं� read more >>
"मंज़ूरी" "हमें तुम में तुम्हारी मजबूरी नज़र आती है,तुम्हारी मुस्कुराहट में तुम्हारी मजबूरी नज़र आती है,जब भी तुम्हारे ज़िस्म को छूना read more >>
सुख -दुःख साथी जीवन का,खेल ये पुराना आज गम है तो कल, खुशीयां भी तो होगी हे अंधेरा जीवन में ,तो रोशनी भी होगी रख ले तू हौसला ,फ़िर सवेरा ह� read more >>
बागो में भौरो से सीखा है मेने कलियों पे मंडराना लाखो फूलो से सहद का एक एक बूंद यू निचोड़ के जमा कर पाना किसी एक फूल पर बैठे रहने से डालि� read more >>
आ मैं तेरी याद में सब को भुला दू अगर जो तु कहे तो में चांद तारो को तोड़ के ला दू क्यों रहते हो यू खोए खोए से रात के अंधेरे में तुम कहो तो � read more >>
कभी कभी में सोचता हु की तेरे घर के सामने मेरा भी एक घर हो जब जब जी चाहे तुम्हारा हम को देखने को तुम्हारी नजरो के सामने बस हम हो जब नजरे मि read more >>
सुना है की इसक दरिया है तो उस दरिया में आज डूब जाने दो थोड़ा उसे तो थोड़ा हमे भी भीग जाने दो ना जाने कब आयेगी ऐसी मुक्कमल मूला कात की रात read more >>
मेरी दिले खोइस है की ............... खाली सुहानी कोई चांदनी रात हो इन रातों में बस तारो की बारात हो जुगनू बन के आए मेरे सारे बाराती उन्ही जगनुओ � read more >>
Join Us: