"कर्मों में श्रेष्ठ कर्म-आत्मज्ञान!"
गुरु चरण में झुका सर,
बोध स्वरूप का कर,,
हुनर बाज़ दिया है दान,
हृदय धरा मुक़ाम..!!
साधना करो कपट बन� read more >>
मुझे ऐसा क्यों बनाया, अपने और गैरो के दुख दर्द को मुझे बर्दाश्त करना क्यों नहीं सिखाया, भूखे को रोटी और मदद की आस रखने वाले के लिए कुछ कर� read more >>
छोटे से घर में, खुशियों का प्यार,
बचपन की वो यादें, रही हमें यार।
भाई की वो ममता, बहन का प्यार ,
एक-दूजे के साथ, हमेशा रहे यार।
रिश्तों की read more >>