मीठे है बोल तेरे बसुरी की, इस होठों से लगा कर , बसुरी के स्वर को बिना समझे पहचाना है,
अदभूत है लीला तेरे दर्शन की कान्हा, तेरे श्री चरणों म read more >>
मेरी एक ख्याली महबूबा ....
मैं उसपे मरता हूं बो मुझपे मरती है
नहीं है उसका अक्स पर बो खूबसूरत लगती है
मैं उसपे जान देता हूं , बो मुझपे जान read more >>
कैफ सैफी ने बहुत से शेर और गज़लें कहीं हैं, उन्हीं में से कुछ शायरी और शेर आपके सामने पेश करता हूं।
1• मेरी मौत के ताक में बैठे हैं दो लो� read more >>
पता हैं ऊपर वाला खुद के फैसले खुद लेने को बोलता है ..सपनों के बीच फासलो में खुद चलने को कहता है.. यह सब जब कोई खुद करने लगता है तो वह अपना हा� read more >>
बिन बात की इस ,
लढाई का क्या अंजाम हो !
की एक उम्र निकल जाये ,
और बात भी ना हो !
दोस्ती औंर पेहचान क्या होती है ,
घर आओ तो मासे कहो
मैने इसको � read more >>