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विजय और अनिता बहुत खुश थे। उनकी शादी के छह महीने बीत गए थे और वे एक दूसरे के लिए बने थे। उन्होंने एक-दूसरे के साथ कई सपने देखे थे और उन्हे read more >>
दिवाने, तेरी शाम दिवाना.......। हर नाम, दिवानी मै होजाऊ । ...३२ देख के तुझको दिवाने , मै ,खुद को समझाऊ। दिवाने..... तेरी शाम ......३२ चाहत मे बीते � read more >>
एक डाल पर पल्लव, उसी पर जरी पात है। एक में जोश, दूजे में होश, दोनों पर समय का हाथ है। एक देखे उत्तर, दूसरा दक्षिण, देखे नहीं एक दूजे को। क� read more >>
हर दिल में उमंग, हर मन में जज्बा है, वीरों की यादें, देशभक्ति का सबबा है। आजादी की बेला, आई खुशियों की लेहर, देशवासियों के दिल में, जगमगा read more >>
दिल में ख्वाब बुनते हैं, प्यार भरे लम्हे, तुम्हारे साथ बिताएं, सजा देते हैं जहां। बीते पल की यादें, मीठी हैं खुशबू सी, तुम्हारे संग जीन� read more >>
(पंक्ति 1) जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं, खुशियों के रंग से भरीं आपकी जिंदगी के मौसम। हर दिन खिलते रहें आपके चेहरे पे मुस्कान, देते रह� read more >>
कुछ कहना है कुछ कह जाऊं कैसे तुम्हें हाल बताऊं। मुझ में समाती नहीं खुशी है आज दुखों को कहां छुपाऊं। हर धड़कन की तार बने हो जीवन का आधा read more >>
(दोहा छंद) कितने महँगे हो गए,जग में सभी समान। पढ़े लिखे कम अब यहां,रखते सभी कमान।। कितने महँगे हो गए,आज सत्य का बोल। लगे हुए जन झूठ में, read more >>
(मुक्तक छंद) शब्द चढ़ाने मैं आया हूं। दिल कि बात कहने आया हूं। अपना बना ले तूं रब आज_ खाली झोली लिए आया हूं। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमा read more >>
(मुक्तक छंद) मौसम आया है जवाँ,मन की आँखें खोल। तुम भी बन जा अब जवाँ,हद में रहकर बोल। मधुर मधुर फिर सृजन कर,सबसे कर पहचान_ अपनी सरल पहचान � read more >>
(दोहा छंद) मौसम आया है जवाँ,मन की आँखें खोल। तुम भी बन जा अब जवाँ,हद में रहकर बोल।। होता हृदय उदास जब,पी लें हम मधु घोल। मधुर मधुर फिर सृ read more >>
(मुक्तक छंद) मिलने तुम आओ कभी,पिला नयन का जाम। सावन की मधु रात में, हो जा मेरे नाम। तुम मेरी हो प्रिय गजल,और मनोहर खास_ बनकर सावन की घटा,ब� read more >>
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