(मुक्तक छंद)
समानता के नाम पर कुछ लोग धोखा दे रहा है।
इसके पीछे सच्चाई का ही गला रेत रहा है।
जो दरार थी ये ठग उसको और है बड़ा कर दिया_
भोल� read more >>
(मुक्तक छंद)
लोगों ने खुद से खुद के लिए कांटे दार तार लगा लिए।
शिकवा_शिकायत कर खाली नफरत के ये सब बीज बो लिए।
फिर भी ये सब लोग अनजान हैं म� read more >>
कौन सा पन्ना दर्ज हैं ,
कौन सा है फटा,
पढ़ ना ही पा रही हूं,
या भाषा है जुदा,
कौन सा हैं पन्ना ,
कौन सा हैं अध्याय,
अधूरी है किताब,
कुछ पन्ने read more >>