[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Latest Updates
Home
Category
Latest Updates
बनता अपना काम जब-रहे दूर सब भेद
दोहा छंद बनता अपना काम जब,रहे दूर सब भेद। सेवा भाव सजीव हो,करूं नहीं तब खेद।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड�
read more >>
पात पात पीले हुए-गिरते हैं दिन रात
दोहा छंद पात पात पीले हुए,गिरते हैं दिन रात। नव कोपल अब वृक्ष में,लगते हैं अभिजात।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीप�
read more >>
दृष्टिकोण को साफ रख-रहें बने दिलदार
दोहा छंद जाना है सब छोड़कर,क्यों करते हो रार। दृष्टिकोण को साफ रख,रहें बने दिलदार।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्ती�
read more >>
रखिए अनुपम एकता-सभी करेंगे नाज
दोहा छंद हर मुश्किल आसान हो,अपना ही हो राज। रखिए अनुपम एकता,सभी करेंगे नाज।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देव�
read more >>
दौलत सबको चाहिए-तब तो जीवन खास
दोहा छंद दौलत सबको चाहिए,तब तो जीवन खास। अलका मय तब जग लगे,रहे माधुरी पास।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़�
read more >>
सबका एक सवाल है-सबकुछ हो अनुकूल
दोहा छंद सबका एक सवाल है,सबकुछ हो अनुकूल। खुशियाँ ही खुशियाँ रहे,जीवन का यह मूल।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✔️ जिला:_समस्तीपुर(
read more >>
सुंदरता- दूसरों से तूलना करके दुखी होना बुद्धिमानी नहीं है असली सुन्दरता हमारे अच्छे कार्यों से आती है
सुंदरता एक कौआ सोचने लगा कि पंछियों में मैं सबसे ज्यादा कुरूप हूँ । न तो मेरी आवाज ही अच्छी है , न ही मेरे पंख सुंदर हैं । मैं काला - कलूट
read more >>
भारत आगे है बढ़ा-लेकर दृढ़ विश्वास
दोहा छंद समता का अधिकार का,हुआ फायदा खास। भारत आगे है बढ़ा,लेकर दृढ़ विश्वास।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(दे
read more >>
भेदभाव को भूलकर-खेलें होली रंग
दोहा छंद भेदभाव को भूलकर,खेलें होली रंग। सरिता बन अनुराग की,लेकर सज्जन ढंग।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देव�
read more >>
कैसे नैया पार हो-दौलत में जो चूर
दोहा छंद कैसे नैया पार हो,दौलत में जो चूर। खाते भाग गरीब का,रहते हैं मगरूर।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड�
read more >>
अटखेली बाला करे-गाती दिलकश गीत
दोहा छंद अटखेली बाला करे,गाती दिलकश गीत। देती है अदभुत खुशी,लगे रम्य संगीत।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देव�
read more >>
होनी टाले कब टली-फिर भी करें न शोक
दोहा छंद होनी टाले कब टली,फिर भी करें न शोक। रखिए साथ उमंग को,खुशी मिले बेरोक। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देव�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
6409
to
6420
of
17320
results
‹
1
2
...
532
533
534
535
536
537
538
...
1443
1444
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder