दिल में बसा लेंगे तुम्हें दिलदार की तरह ,
आंखों में सजा लेंगे तुम्हें वंदनवार की तरह,
तुम तनिक भी न हिल पाओगी मेरे क़ैद खाने से___रखवाली � read more >>
इश्क़ चढ़ता परवान रात सुहानी मिलती ,
काश, तेरे दर की दरबानी मिलती ,
लगा रहता हरदम तेरी हां_हजूरी में __
तनख्वाह भी तेरे अब्बा से मनमानी म� read more >>
प्यार कोई मौसम नहीं, जो आये और चला जाये...
प्यार कोई फूल नहीं, जो खिले और मुरजा जाये...
प्यार कोई, बारिश का नाम नहीं, जो बरसे और थम जाए...
प्य� read more >>
जिंदगी के इस मोड़ पर न जाने
क्यों ?
अब अकेले ही अच्छा लगता है! बहुत कुछ किया औरों के हिसाब से !
अब अपने हिसाब से जीना
मुझे अच्छा लगता है !
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