कविता ( ख़ानदानी )
ख़ानदानी उनको !
कहता ये जहान !!
चरित्र से जो गिर गए !
पैसे से मालामाल !!
नग्नता की देखो !
क्या दी मिसाल !!
फ्रैंकली शब्द क� read more >>
गुजरे वक ,के कुछ लम्हे,
योहि । आज याद आ गये ।
दीवार पर लगी । देखी तेरी तस्वीर,
मन ही मन मुस्करा उठा ।
खुद से ,याद आने लगा।
बचपन का प्यार भ� read more >>
काँच ,बिखरे ,शहर ,
मैं,लहू का अरमान कहां,से लाऊं,
दोषी ,के पैरों में है ,धूप,।
मगर ,अंधा इस देश का कानून ,
मैं, आसमान कहां,से लाऊं,
बहुत,करीब स read more >>
मे हर वक्त हर जगाह हर किसिको, अपणी पेहचान दे रहा हू ,शायद से यही वजह है की इस बाजार मे मे अपनी किंमत खो रहा हुं !और ये यार उसे कोई आईना दिखा� read more >>
जो चाहो वो मिल जाए, ज़रुरी तो नहीं,
तुम कुछ भी कहो और मैं चुप चाप सुन लु दिल दे इसकी मंजूरी तो नहीं,
तुम कुछ न मिलने पर रो देते हो,ये कोई कम� read more >>