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बेटी

Vikky Verma 30 Mar 2023 शायरी समाजिक बेटी , MY YOUTUBE CHANNEL ID-VIKKY VERMA 82671 0 Hindi :: हिंदी

रोशनी कहां इतनी चिरागों से होती है,
खुशबू कहां इतनी गुलाबों से होती है।
और महक जाता है घर का आंगन,
जिस घर में बेटी की इज्ज़त होती है।।

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