Pandit Rahul tiwari bhadohi 05 Apr 2025 शायरी दुःखद 12608 0 Hindi :: हिंदी
आप का सफर ही अंजना रहा कैसे अपना कह जाऊ रास्ता एक ही है मंजिल का भटकना ही अलग अलग है
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