MD SHAYEED ALAM 27 May 2026 शायरी समाजिक शायरी 9704 0 Hindi :: हिंदी
चंद लम्हे हैं जिंदगी और मौत के बीच में, आपस में मिलते जुलते रहा करो मेरे यारो। पता नहीं कौन सी रात आखिरी रात हो जाए, पता नहीं कौन सी मुलाकात आखिरी मुलाकात बन जाए।।
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