Swami Ganganiya 07 Jun 2023 शायरी अन्य Hindi shayri 51898 0 Hindi :: हिंदी
मैं तेरे अहसानों से ऊबर भी जाऊ तो, मेरा वजूद क्या है। मैं देखता हूँ खुद को आसमान मे मगर, मेरा जमीर जमीन पर क्यो है। वो चमकता चाँद आसमान में मगर उसका जिक्र जमीन पर क्यों है। हे कुछ रिश्ते ऐसे भी ना होते हुये भी उनका अहसास हमें होता क्यो है। ** ** *** ** ** ☘️ Swami ganganiya ☘️