Arjun yadav dikoli 02 Nov 2025 शायरी प्यार-महोब्बत शायरी/कहानी/कविता/पत्र/रचनाएं/ग़ज़ल 12278 0 Hindi :: हिंदी
मैंने किसी बेवफ़ा से मोहब्बत की थी, जिसके वादों में सच्चाई बहुत कम थी। वो मुस्कुराई तो लगी ज़िंदगी अपनी, पर छोड़ गई तो साँसें भी पराई सी लगीं। वो चली गई तो क्या हुआ, यादें अब भी बाकी हैं, हर धड़कन में उसकी कहानी बाकी है। ।।।।।।।।######।।।।।।।।।