MD SHAYEED ALAM 06 Apr 2026 शायरी समाजिक शायरी अंत नहीं 11623 0 Hindi :: हिंदी
अंत नहीं यह एक नई शुरुआत है, अनादि से यही अंत का रिवाज है। बेशक एक राह का अंत हुआ है, पर आगे राह अनंत है अथाह है। जैसे सागर में धारा का निरंतर प्रवाह है। जीवन का अंत नहीं यह बस एक छोटा पड़ाव है, अंत नहीं है यह एक नई शुरुआत है।।