माही मौर्या 16 Apr 2026 शायरी समाजिक चेहरे पे लगे चेहरे हजार हैं 11936 0 Hindi :: हिंदी
हमने भी देखे अपने हजार है अपने के भेष में छिपे सारे गद्दार हैं.... देखकर मुश्किल हैं ये कह पाना...... कौन कितने वफ़दार है...... चेहरे पे लगे चेहरे हजार हैं...
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