Anjani pandey (sahab) 17 Jun 2023 शायरी देश-प्रेम Desh bhakti 36060 0 Hindi :: हिंदी
जो लहू है तन में, एक बार फिर से उबाला जाय
लेकर कलेजे को हाथ में फिर से उछाला जाय
और जो बात करते है बुजदिलों जैसी
एक बार फिर से देश से बाहर निकाला जाय