Anjani pandey (sahab) 30 Mar 2023 शायरी अन्य चलते जाओ चलते जाओ अभी कहा विश्राम है 44892 0 Hindi :: हिंदी
तू चला तो रास्ते भी चल पड़े।
टूट गया था जो पिछली रात को हौसला
देख के तुझको वो भी निकल पड़ा
अपना कल बनाने में
न जाने कितने दिन
कितनी रात लगेगी
जिस दिन आएगा लिस्ट में तुम्हारा नाम
मां खुशी से पागल
बाप की नई आस जागेगी ।।
अंजनी पांडेय (साहब)