Baba ji dikoli 24 Feb 2024 शायरी समाजिक शायरी/कविता/गजल/motivation/geet/sangeet/sahity 32551 0 Hindi :: हिंदी
गम के दरिये में डूबी है दुनिया तुम ख़ुशी की एक लहर ढूढते क्यों नही। मरने की तो लाख बजह होती है तुम जीने की एक बजह ढूढो तो सही.....। ✍️@babajidikoli