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इन्हीं हो गई दिमागों बीमार सी

KASHISH 16 Aug 2026 शायरी दुःखद #PunjabiPoetry #PunjabiShayari #PunjabiQuotes #SadPunjabiPoetry #HeartbreakQuotes #RelatablePoetry #PunjabiStatus #ReelsInstagram #TrendingReels #EmotionalPoetry #SelfRealization #HeartbreakStatus #RelationshipQuotes #PunjabiLines #DeepThoughts #PoetryCommunity #PunjabiWriting 7253 0 Hindi :: हिंदी

इन्हीं हो गई दिमागों बीमार सी, ओहदे पैर तांही फड़न नूं तैयार सी।
ओह इक्को शख़्स सी हीरा जापदा, बाकी दुनिया लगदी बेकार सी।
सहेलियां, दोस्त सब छड्ड दिते, मापियां तक तों हो गई बाहर सी।
हुण सोचदी आं ते हासा आउँदा, किवे रो-रो चढ़ा लैंदी बुखार सी।
इन्हीं हो गई दिमागों बीमार सी...
इन्हीं कु मत्त मर गई सी सच्ची,बंदिशां नूं समझदी प्यार सी।
माड़े शौक, भैड़ियां आदतां, नशे तक करना वी स्वीकार सी।
इन्हींहो गई दिमागों बीमार सी...
सिफ़तां ओह दियां दे पुल बन्न्हणे, जुत्तियां दा जेहड़ा हकदार सी।
शुकर किते मेरिया अक्खां खुल्लीयां, नहीं अणसा मेरा तां बेड़ा पार सी।
इन्हीं हो गई दिमागों बीमार सी

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