माही मौर्या 13 Apr 2026 शायरी प्यार-महोब्बत इश्क का कारोबार 5424 0 Hindi :: हिंदी
सब कुछ आजमाकर , बैठ गई मै हारकर.. खुशियाँ किनार कर , उदासी में आकर.. भूल गई खुद को ही इश्क का करोबार कर.. ले ली मायूसी , मुस्कुराहट उधार कर .... क्या मिला मुझे?, उनसे ऐतबार कर... खुश है वो मुझे अपनी जहन से निकालकर... क्यों रखूं मैं उनसे अब राब्ता संभालकर...