Samir Lande 30 Mar 2023 शायरी अन्य समीर लांडे , खाँमीयाँ ! 112794 0 Hindi :: हिंदी
झाँक रहे सब यहाँ वहाँ, जग में धूडें खाँमीयाँ ! खुदके भितर ना झाके कोई , ना समजे खुद की कमीयाँ! - समीर लांडे
Login to post a comment!
...