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जमाने ने माना अंजाना हमें

MD SHAYEED ALAM 19 Nov 2025 शायरी दुःखद शायरी मोहम्मद सईद आलम 11136 0 Hindi :: हिंदी

जमाने ने माना अंजाना हमें,
सब ने जाना बेगाना हमें,
औरों को तो जाने दो यारों, 
जब आई साथ देने की बारी, 
हमारे खुद के साए ने ना पहचाना हमें।।

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