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जुदाई

Arjun yadav dikoli 28 Nov 2025 शायरी दुःखद कविता/लेखन/आत्मकथा/जीवनी/कहानी/गजल 7003 0 Hindi :: हिंदी

तू गई तो दिल के शहर में सन्नाटा सा छा गया,
हम मुस्कुराना भी चाहें तो रोना आ गया,
कहते हैं जुदाई वक़्त का इम्तिहान लेती है,
मगर तुझ बिन हर पल ज़िंदगी से बदला लेती है।

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