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जिंन्हें समझते थे अपना-वो पराये निकले

Chanchal chauhan 10 Jun 2023 शायरी समाजिक जिन्हें समझते अपना 30027 0 Hindi :: हिंदी

जिन्हें समझते थे अपना, 
वो पराये निकले, 
कहते थे कोई काम हो बताना, 
जब काम बताया, 
ना करने के बहाने निकले।

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