मोती लाल साहु 17 Jun 2023 शायरी समाजिक जो आपका परिचय- वही मेरा परिचय, आप जिस देश से आए हैं- मैं भी उसी देश से आया हूं- जाना सबको वापस उसी देश में है- और वहां किसी का अलग नाम नहीं है- सभी के लिए एक ही नाम है- " मानव " तो इस नाते मैं भी आपको जानता हूं, और आप भी मुझे जानते हैं। 35149 0 Hindi :: हिंदी
""अर्ज़ करता हूं- परिचय पर ग़ौर फरमाइएगा.. ""जो आपका- परिचय वहीं मेरा परिचय.. ""आप जिस- देश से आए हैं, मैं भी उसी देश से आया हूं.. ""जाना सबको वापस- उसी देश में है और वहां, किसी का अलग " नाम " नहीं है.. ""सभी के लिए- एक ही नाम है- " मानव " ""तो इस नाते- मैं भी आपको जानता हूं, और आप भी मुझे जानते हैं....!!!! -मोती