Shiwani vishwakarma 30 Mar 2023 शायरी समाजिक निराश 117572 0 Hindi :: हिंदी
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कर कुछ नया इन आशो से,
लोग तो कहेंगे अच्छा या बुरा,
क्या फर्क तुझे इन बातों से,
है चाह इतिहास बदलने की,
तो शुरू कर अभी से ,
जो होगा समझ लेंगे खुद ही से।"
Sivi _vish